देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में शनिवार को पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाएगा। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी परेड का निरीक्षण करेंगे। 525 कैडेट पास आउट होंगे, जिनमें 491 भारतीय सेना को मिलेंगे। अकादमी की स्थापना 1932 में हुई थी और अब तक साढ़े 66 हजार से अधिक सैन्य अफसर दे चुकी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।
शनिवार को आइएमए में पासिंग आउट परेड का आयोजन
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी करेंगे परेड का निरीक्षण
491 युवा सैन्य अफसर भारतीय थल सेना को मिलेंगे
IMA passing-out parade Date भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में शनिवार को पासिंग आउट परेड (पीओपी) का आयोजन किया जाएगा।
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड का निरीक्षण करेंगे और पास आउट हो रहे आफिसर कैडेट की सलामी लेंगे।
वह दिसंबर 1984 में आइएमए से पास आउट हुए थे। अब 41 साल बाद वह उसी ऐतिहासिक मैदान पर बतौर रिव्यूइंग अफसर लौट रहे हैं।
525 कैडेट होंगे पासआउट, 491 भारतीय कैडेट
अकादमी के एतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर सुबह परेड शुरू होगी। इसके बाद होने वाली पीपिंग और ओथ सेरेमनी के साथ ही कुल 525 आफिसर कैडेट सेना में शामिल होंगे।
इनमें से 491 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थल सेना को मिलेंगे, जबकि 34 कैडेट 14 मित्र देशों की सेनाओं का हिस्सा बनेंगे।साढ़े 66 हजार से अधिक सैन्य अफसर देने का गौरवभारतीय सैन्य अकादमी की स्थापना एक अक्टूबर 1932 को हुई थी। अकादमी के पहले बैच से 40 कैडेट पास आउट हुए थे।पिछले नौ दशक में अकादमी ने अपनी प्रशिक्षण क्षमता कई गुणा बढ़ा दी है। खास बात यह है कि जुलाई से यहां महिला कैडेटों का भी प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।शनिवार की परेड के साथ ही आइएमए के नाम देश-विदेश की सेनाओं को साढ़े 66 हजार से अधिक सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ जाएगा। इनमें मित्र देशों को दिए गए करीब तीन हजार सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, ट्रैफिक रहेगा डायवर्टपासिंग आउट परेड को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अकादमी परिसर और आसपास सेना के जवान तैनात हैं। बाहरी सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस संभालेगी।परेड के दौरान सुबह छह बजे से दोपहर 12.30 बजे तक पंडितवाड़ी से प्रेमनगर तक जीरो जोन रहेगा। इस दौरान यातायात को अन्य मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा।


