संस्कृत विभाग द्वारा प्रियोडिक लैक्चर का आयोजनआज दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को हे. न. ब. गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बी. जी. आर. परिसर, पौड़ी के संस्कृत विभाग द्वारा एक प्रियोडिक लैक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ दिनेश चन्द्र पाण्डेय ने लौकिक मंगलाचरण के साथ किया। तदनन्तर संस्कृत विभागाध्यक्षा महोदया द्वारा स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. कविता भट्ट रहीं, जिन्होंने “पर्यावरणीय संकट में दर्शन की भूमिका” विषय पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान वैश्विक पर्यावरणीय संकटों—जैसे जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता क्षरण और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन—पर प्रकाश डालते हुए इनके समाधान में दर्शन की भूमिका को रेखांकित किया। विशेष रूप से उन्होंने भारतीय दर्शन में निहित प्रकृति-संरक्षण, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों को पर्यावरणीय संकट के स्थायी समाधान के रूप में प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. यू. सी. गैरोला ने की, कार्यक्रम में समन्वयिका प्रो. कुसुम डोबरियाल, पूर्व परिसर निदेशक प्रो. अनूप डोबरियाल, प्रो. रेहाना ज़ैदी, डॉ. कोटनाला, डॉ. पूनम बिष्ट रावत, डॉ.विनय कुमार वर्मा, डॉ. धर्मेन्द कुमार, डॉ. विपुल सिंह, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ.दीवान सिंह राणा, डॉ. कृपाल सिंह तोमर,श्री गोकुल चन्द्र फुलारा सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। उपस्थित श्रोताओं ने विषय को समसामयिक और अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए व्याख्यान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के सहायकाचार्य दिनेश चन्द्र पाण्डेय द्वारा किया गया।


