आज पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में उत्तराखंड राज्य के प्रख्यात समाजसेवी पंडित इंद्रमणि बडोनी का सौवां जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर दिनेश शर्मा ने श्री इंद्रमणि बडोनी के जीवन और संघर्ष को याद किया। मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी विभाग के प्रोफेसर मुक्तिनाथ यादव ने कहा कि श्री इंद्रमणि बडोनी एक गांधीवादी विचारक, उत्तराखंड राज्य के शीर्षस्थ राज्य आंदोलनकारी, सुप्रसिद्ध संस्कृति व नाट्यकर्मी और मार्गदर्शक थे। प्रोफेसर यादव ने बताया कि श्री इंद्रमणि बडोनी गैरसैंण में उत्तराखंड की राजधानी के प्रबल समर्थक थे। पहाड़ी राज्य की संस्कृति तथा पर्यावरण के संरक्षण के लिए उन्होंने अथक प्रयास किया। परिसर निदेशक प्रोफेसर महाबीर सिंह रावत ने बताया कि उन्हें टिहरी में श्री बडोनी जी के गांव जाने का गौरव प्राप्त है। प्रो० रावत ने बताया कि अपने गांधीवादी विचारधारा में अटूट विश्वास और ईमानदारी के कारण श्री बडोनी गढ़वाल और कुमाऊं दोनों में सर्वग्राह्य थे। लोग उन्हें उत्तराखंड के गांधी कहा करते थे। कार्यक्रम के दौरान प्रो० हेमलता मिश्रा, प्रो० पूनम पाठक, प्रो० संगीता मिश्रा, प्रो० कल्पना पंत, प्रो० अधीर कुमार, प्रो० अनीता तोमर, प्रो० प्रशांत कुमार सिंह, प्रो० अशोक मंडोला,श्रीमती शकुंतला शर्मा, श्रीजोत सिंह भंडारी, विभिन्न छात्र- छात्राएं आदि लोग उपस्थित रहे।


