सहयोगी संवाददाता लोकजन एक्सप्रेस देहरादून।सुशासन दिवस के अवसर पर देवभूमि विचार मंच तथा प्रज्ञा प्रवाह–उत्तराखंड इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “अभ्यास वर्ग : प्रचार आयाम” विषय पर एक वैचारिक एवं प्रशिक्षणात्मक कार्यक्रम का आयोजन 25 दिसंबर को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में किया गया। कार्यक्रम में समाज, शिक्षा, मीडिया और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रबुद्धजनों एवं विचारकों ने सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रवि शरण दीक्षित द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं विषय-प्रस्तावना के साथ हुआ। उन्होंने सुशासन दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुशासन की अवधारणा केवल प्रशासन तक सीमित नहीं, बल्कि वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व से भी गहराई से जुड़ी हुई है।कार्यक्रम में दैनिक जागरण के राज्य संपादक श्री मनोज कुमार झा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए मीडिया, समाज और सुशासन के आपसी संबंधों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक, तथ्यपरक और जिम्मेदार संवाद ही सुशासन की मजबूत नींव तैयार करता है।वहीं, कार्यक्रम के अन्य मुख्य वक्ता उच्च शिक्षा उन्नयन परिषद, उत्तराखंड के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन ने उच्च शिक्षा, वैचारिक प्रशिक्षण और सुशासन के बीच की कड़ी को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं में बौद्धिक अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास को समय की आवश्यकता बताया।कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक श्री भगवती प्रसाद राघव जी ने किया। उन्होंने प्रचार आयाम को समाजहित, सांस्कृतिक चेतना और सुशासन की अवधारणा से जोड़ने पर बल दिया।अंत में प्रो. एच. सी. पुरोहित द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में आर एस एस के प्रचारक धनंजय ज़ी, प्रो. एम. एम. सेमवाल, प्रो. राकेश चंद्र रयाल, डॉ. सुमन गुसांईं, डॉ. मनोज पुरोहित, डॉ. अरविन्द पैन्यूली आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजनों एवं प्रतिभागियों ने इसे वैचारिक दृष्टि से अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायी बताया।



