उत्तराखंड के सितारगंज में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मामले में छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
देशभर के 12 अलग-अलग राज्यों में 22 लोगों से 2.44 लाख रूपये की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह सभी रकम एसबीआई की सितारगंज शाखा में खोले गए फर्जी खाते में जमा की जाती थी। वहीं, मामले में पुलिस ने खाता संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
रुद्रपुर। साइबर ठगों के झांसे में आकर दो लोगों ने 1.92 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर क्राइम थाने में दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भूरारानी निवासी एक महिला ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दी तहरीर में कहा कि बीते एक दिसंबर को अनजान व्यक्ति ने कॉल कर बताया कि वह भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य कार्यालय करोलबाग दिल्ली से बात कर रहा है। महिला ने उसके झांसे में आकर खाता संख्या, आइएफएससी कोड, एटीएम कार्ड नंबर आदि बता दिए। शाम को पता चला कि दो बार में 1.30 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए।वहीं रुद्रपुर के हंस विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में दी तहरीर में कहा कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आरटीओ चालान के नाम से एक एप्लीकेशन का लिंक प्राप्त हुआ। लिंक डाउनलोड करने पर मेरे फोन का एक्सेस पूर्ण रूप से किसी अज्ञात व्यक्ति के पास चला गया। बीते नौ नवंबर को बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। उसके खाते से 62,000 रुपये निकाल लिए गए। इन लोगों ने साइबर ठगों का पता लगाकर रकम वापस दिलाने की मांग की है।


