रैगिंग में दोषी MBBS के नौ छात्रों का निष्कासन, दो पर 50-50 हजार का जुर्माना

News Desk
3 Min Read

एमबीबीएस 2025 बैच के दो छात्रों के साथ 12 जनवरी की रात 2023 और 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने मिलकर रैगिंग की थी। मामले की शिकायत वार्डन की ओर से 13 दिसंबर को ही कर दी गई थी। जिसके बाद अब कार्रवाई हुई है।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्रों पर कॉलेज, हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई की गई है। इनमें से दो छात्रों पर निष्कासन के साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। प्राचार्य की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

एचएनबी विवि प्रबंधन को कॉलेज से प्रकरण की रिपोर्ट लेने में करनी पड़ी मशक्कत

एनएचबी मेडिकल विश्वविद्यालय की ओर से दून मेडिकल कॉलेज से रैगिंग प्रकरण में जवाब तलब किया गया था। इसके बाद सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी ने दोपहर में जांच पूरी कर रिपोर्ट कॉलेज प्रबंधन को सौंप दी थी। विवि प्रबंधन के अधिकारियों ने कॉलेज से कई बार संपर्क किया लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया। लिहाजा विवि को यूजीसी को रिपोर्ट भेजनी थी। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. आशीष उनियाल ने बताया कि रात नौ बजे तक भी उनके पास रैगिंग से जुड़ी कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की है।प्रथम वर्ष के छात्रों का हॉस्टल अलग करने की तैयारीजानकारी के मुताबिक, सोमवार को प्राचार्य ने सभी हॉस्टलों के वार्डन के साथ मिलकर हॉस्टल का भ्रमण किया। इसके बाद वार्डनों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इसमें भविष्य में रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने पर चर्चा की गई। इसमें प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल को अलग करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए कॉलेज परिसर में बनाए जा रहे नए हॉस्टल को चिह्नित किया जा सकता है।रैगिंग मामले में नौ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो छात्रों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों इसके लिए योजना बनाई जा रही है।- डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय

Share This Article
Leave a comment