देहरादून-मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए ने अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पिछले तीन साल में 10 हजार बीघा से अधिक अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की गई है और 1000 से ज्यादा निर्माण सील किए गए हैं। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई जारी है, जिसका उद्देश्य शहरी नियोजन और पर्यावरण की रक्षा करना है। भू-माफिया और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संवाददाता लोकजन एक्सप्रेस देहरादून। देहरादून-मसूरी क्षेत्र में वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर फैल रही अवैध प्लाटिंग और गैरकानूनी निर्माण पर सरकार ने निर्णायक चोट कर दी है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान छेड़ते हुए पिछले तीन साल में करीब 10 हजार बीघा भूमि पर फैली अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया, जबकि 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार यह कार्रवाई किसी प्रतीकात्मक मुहिम तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजाना जमीन पर उतरकर की जा रही निरंतर कार्रवाई है, जिससे भू-माफिया से लेकर नियम तोड़कर निर्माण कराने वाले बिल्डरों तक में हड़कंप मचा हुआ है।
फरवरी-2023 में पदभार संभालने के बाद से ही उपाध्यक्ष तिवारी के निर्देश पर अभियान को तेज किया गया, जिसका नतीजा है कि कार्रवाई का दायरा अब शहर से लेकर देहात और बाहरी क्षेत्रों तक फैल चुका है। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि अवैध प्लाटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा पर सीधा हमला है।एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार अवैध कालोनियां भविष्य में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और आपदा जैसी स्थितियां पैदा करती हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई न की जाए तो इसकी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। इसी सोच के तहत प्राधिकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण करने वालों के प्रति अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
इन इलाकों में हुई सर्वाधिक कार्रवाईअब तक एमडीडीए की सबसे अधिक कार्रवाई विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, मेहूंवाला माफी, माजरीग्रांट, पोखरी, नौगांव मांडूवाला, शिमला बाईपास रोड, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, छिदरवाला, पित्थूवाला, हरभवाला, धर्मावाला, धौलास, लांघा रोड सहित डोईवाला क्षेत्र के तेलपुरा, चीनी मिल रोड, थानो रोड, भोगपुर, घमंडपुर, भानियावाला, रानीपोखरी, लालतप्पड़, कुआंवाला, हर्रावाला, बालावाला, गुलरघाटी, नकरौंदा, नथुवाला, मोहकमपुर, दूधली, शेरपुरा, बीएफ कैंप, साथ ही रायपुर और धर्मपुर क्षेत्रों में की गई है।


