लैंसडाउन वन प्रभाग के सनेह क्षेत्र में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के दौरान दो वनकर्मी झुलस गए। उन्हें कोटद्वार अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना गर्मी में जंगल की आग से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी। दमकल, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने मिलकर आग पर काबू पाया। अभियान के तहत आमजन को वन सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।
संवाददाता लोकजन एक्सप्रेस कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र के सनेह क्षेत्र के जंगल में भीषण आग लग गई। तेज हवा के साथ विकराल हो रही आग आबादी तक पहुंचने लगी। सूचना पर अग्निशमन, एसडीआरएफ व वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग बुझाने के दौरान दो वनकर्मी झुलस गए। जिन्हें 108 के माध्यम से राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार पहुंचाया गया।
गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए सरकारी तंत्र ने माक ड्रिल कर अपनी तैयारियों की परीक्षा ली। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी कि सनेह क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग लग गई है। तेज हवा के साथ आग आबादी की ओर बढ़ रही है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति काफी विकराल होती जा रही थी। जिसके बाद दमकल विभाग व एसडीआरएफ को भी मदद के लिए बुलाया गया।
दमकल विभाग ने बड़े पानी के टैंक की मदद से आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान दो वन कर्मी भी घायल हो गए थे, जिन्हें मौके पर तैनात आपातकालीन सेवा 108 की मदद से राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने वन कर्मियों को प्राथमिक उपचार दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आगामी गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। इसके लिए विभागों की ओर से संयुक्त माक ड्रिल कर तैयारियों को परखा गया। अभियान के दौरान आमजन को भी वन सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कहा कि कहीं भी आग लगने की घटना पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।ऊंचाई पर लगी आग तो होगी मुश्किलमाक ड्रिल में सामने आया कि दमकल विभाग के टैंक के पाईप से सड़क के आसपास जंगल में तो आग पर काबू पाया जा सकता है। लेकिन, यदि आग ऊंची पहाड़ी पर लगी तो उसे बुझाना एक चुनौती बन सकती है। इस तरह की आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग को स्वयं के ही उपकरणों का प्रयोग करना होगा। यदि समय रहते आग की सूचना मिल जाएं तो इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।


