Women’s Day 2026: वुमन्स डे पर सिर्फ लड़कियों को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी ये फिल्में जरूर देखनी चाहिए। समाज में बदलाव सिर्फ महिला नहीं पुरुषों का नजरिया बदलने से आएगा।
- पुरुषों के जरूर देखनी चाहिए ये वुमन सेंट्रिक फिल्में
- महिला दिवस पर मस्ट वॉच हैं ये 5 फिल्में
- बदल देगी महिलाओं के प्रति आपका नजरिया
नई दिल्ली। महिला दिवस पर अक्सर महिलाओं को ही कुछ फिल्में देखने या किसी खास इवेंट में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि महिला दिवस का महत्व महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को जानने की जरूरत है। क्योंकि तभी समाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
यहां हम आपके लिए 5 बॉलीवुड फिल्में लेकर आए हैं जिन्हें आपको जरूर देखना चाहिए। जिनमें समाज में महिलाओं का महत्व, उनके अधिकार और उनके लिए बेहतर समाज बनाने की सीख दी गई है।
गंगूबाई काठियावाड़ी (Gangubai Kathiawadi): एक दमदार, बायोग्राफिकल ड्रामा जिसमें आलिया भट्ट एक ऐसी लड़की का रोल कर रही हैं जिसे प्रॉस्टिट्यूशन में धकेल दिया जाता है, जो आगे चलकर महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाली एक इज्जतदार, असरदार मैडम बन जाती है।
पीकू (Piku): दीपिका पादुकोण की दिल को छू लेने वाली कहानी, जिसमें वह एक करियर-ओरिएंटेड, इंडिपेंडेंट महिला का रोल निभाती हैं, और अपने बूढ़े, अजीब पिता की देखभाल करते हुए अपनी पर्सनल लाइफ में समझौते करती है। वह किसी से प्यार करने से भी खुद को रोकती है क्योंकि उसे अपने पिता की देखभाल करनी है। लेकिन उसकी लाइफ तब बदल जाती है जब उसकी जिंदगी में एक शख्स की एंट्री होती है।
इंग्लिश विंग्लिश (English Vinglish): इस फिल्म में श्रीदेवी एक शांत हाउसवाइफ के रोल में हैं, जिसे इंग्लिश भाषा में दिक्कत होती है और वह एक लैंग्वेज कोर्स में एडमिशन लेकर सेल्फ-कॉन्फिडेंस हासिल करती है। इस बीच अपने पढ़े-लिखे पति और बच्चों के बीच वह किस तरह संघर्ष करती है यह आपको असल जिंदगी से रूबरू कराएगी।
क्वीन (Queen): कंगना रनौत की एक कॉमेडी-ड्रामा जिसमें वह अपने मंगेतर द्वारा छोड़े जाने के बाद अकेले हनीमून पर जाती है। उसके बाद अपनी आजादी और सेल्फ-वर्थ पाती है।4
हक (Haq): हक एक हिंदी लीगल ड्रामा फिल्म है, जिसे सुपर्ण वर्मा ने डायरेक्ट किया है और इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी ने एक्टिंग की है। यह फिल्म 1985 के मशहूर शाह बानो केस से इंस्पायर्ड है। यह शाजिया बानो की कहानी है, जो अपने पति के उसे छोड़ने और तीन तलाक के जरिए तलाक देने के बाद गुजारे के लिए लड़ती है।
ह फिल्म आपको महसूस कराएगी कि महिलाओं को अपने मौलिक अधिकारों के लिए कितना लड़ना पड़ता है।
इन फिल्मों के अलावा थप्पड़, राजी, मिसेज, पिंक, कहानी, लापता लेडीज, लिपस्टिक अंडर माय बुर्का, मर्दानी, मैरी कॉम, मणिकर्णिका:क्वीन ऑफ झांसी जैसी फिल्में भी महिला दिवस पर देखी जा सकती हैं। जो महिलाओं के प्रति आपके नजरिए को सोचने पर मजबूर करती है।


