उत्तराखंड की वादियों से निकलकर देश की सरहदों तक अपना परचम लहराना—ये कोई आम बात नहीं है। लेकिन पौड़ी गढ़वाल के पाबौ विकासखंड के छोटे से ग्राम नाई की 22 वर्षीय मानसी रतूड़ी ने ये कर दिखाया है
मानसी ने Indian Army में लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे राठ क्षेत्र और उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई है। एक साधारण परिवार से आने वाली मानसी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पैठाणी के श्री गुरु रामराय स्कूल से पूरी की और फिर सीमित संसाधनों के बावजूद कोलकाता जाकर ट्रेनिंग ली। दिन-रात की मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति जुनून ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।उनके पिता राजेश रतूड़ी, जो एक शिक्षक हैं, हमेशा उनकी मेहनत और लगन की तारीफ करते हैं। वहीं उनकी माता के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा है। गाँव की युवा प्रधान यामिका रतूड़ी समेत पूरे क्षेत्र के लोग आज मानसी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं मानसी रतूड़ी की ये कहानी सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती है। ये बताती है कि पहाड़ की बेटियां किसी से कम नहीं—बस उन्हें मौका और हौसला चाहिए


