उत्‍तराखंड में रहने वालों सावधान! UCC के नियमों को नहीं माना तो ढीली करनी पड़ेगी जेब, 20 हजार तक का जुर्माना तय

News Desk
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Uniform Civil Code उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसके अनुपालन को निकाय पंचायत ब्लाक जिला प्रशासन स्तर पर नोडल नियुक्त किए गए हैं। विवाह तलाक लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए शुल्क निर्धारित किए गए हैं। साक्ष्य छिपाने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जानिए यूसीसी के नियमों के बारे में विस्तार से।

  1. साक्ष्य छिपाने के एवज में जुर्माने की धनराशि का प्रविधान भी
  2. अनुपालन को निकाय, पंचायत, ब्लाक, जिला प्रशासन स्तर पर नोडल नियुक्त

देहरादून । समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के नियमों में कड़े प्राविधान किए गए हैं। जहां विवाह, तीन तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, वहीं साक्ष्य छिपाने के एवज में जुर्माने की धनराशि का प्रविधान भी किया गया है।

जिला प्रशासन स्तर पर नियुक्त किए गए नोडल

दरअसल, प्रदेश में समान नागिरक संहिता को प्रभावी ढंग से लागू किया जा चुका है। जिसके अनुपालन को निकाय, पंचायत, ब्लाक, जिला प्रशासन स्तर पर नोडल नियुक्त किए गए हैं।

यूसीसी के जिला नोडल अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार से संबंधित सेवाओं के लिए पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क, सजा, अर्थदंड का प्रविधान किया गया है। यूसीसी के पोर्टल पर जो पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। उन पर यूसीसी के नियम लागू किए जा रहे हैं। बताया कि नियमावली में किए गए उल्लेख के नियमानुसार कार्रवाई को अमल में लाया गया है।

विवाह पंजीकरण की शर्त

  • पंजीकृत विवाह की पावती शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • नियम (घ) के अंतर्गत तत्काल शुल्क 2500 रुपये देना होगा।
  • नियम (ग) के अंतर्गत 90 दिन की अवधि तक 200, उसके बाद 400 रुपये का भुगतान करना होगा।
  • तीन माह पूर्ण होने पर अधितम धनराशि 10 हजार देनी होगी।

तलाक पंजीकरण की शर्त

  • यूसीसी के नियम (क) के अंतर्गत तलाक एवं विवाह का अमान्य पंजीकरण शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • (ख) में विलंब शुल्क 90 दिनों के भीतर 200 देना होगा।
  • 90 दिन के भीतर 400 रुपये देय करना होगा। अधिकतम शुल्क 10 हजार तक लिया जाएगा।

उत्तराधिकार के वसीयत के लिए शर्तें

  • यूसीसी के नियम 12 (7) के तहत बिना वसीयत के उत्तराधिकार के संबंध में कानूनी वारिस की घोषणा का शुल्क 200 रुपये देना होगा।
  • नियम (ग) के अंतर्गत वसीयतनामा उत्तराधिकार विवरण का पंजीकरण शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है।

लिव-इन के लिए निर्धारित शुल्क

  • लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • 6(4)(ङ) के अंतर्गत निर्धारित समय अवधि के पश्चात सूचना की दोबारा जानकारी के लिए 1000 का शुल्क देना होगा।
  • लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण की समय अवधि समाप्त होने पर 500 की धनराशि देनी होगी।

जुर्माना व अर्थदंड का प्रविधान

  • विवाह पंजीकरण में लापरवाही बरतने पर विलंब शुल्क 10 हजार रुपये देना होगा। इसके साथ ही सजा का प्रविधान भी है।
  • तलाक एवं विवाह का पंजीकरण निरस्त करने पर ज्ञापन प्रस्तुत की लापरवाही बरतने पर जुर्माना एवं सजा का प्रविधान किया गया है।
  • मामलों में दूसरी बार झूठी शिकायत दर्ज करने पर पांच हजार जुर्माना लगाया जाएगा।
  • किराए के मकान पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों के प्रमाण पत्र शामिल किए जाएंगे।
  • किराए में समझौता करने पर मकान मालिक पर 20 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

दस्तावेज प्राप्ति का शुल्क भी निर्धारित

यूसीसी में पंजीकरण के छह माह तक प्रमाणित दस्तेवाज का शुल्क नहीं लिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद वसीयतनामा, बयान घोषणा, कानूनी उत्तराधिकारी घोषणा, लिव-इन रिलेशनशिप, विवाह पंजीकरण का शुल्क 100-500 रुपये निर्धारित किया गया है।

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