“2 लाख 37 हज़ार दो तब मिलेगी डेड बॉडी” — ग्राफिक एरा हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप….
सहयोगी संवाददाता लोकजन एक्सप्रेस देहरादून I देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर 2 लाख 37 हज़ार रुपये जमा करने के बाद ही शव सौंपने की बात कही। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष “आज़ाद अली” ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि यदि अस्पतालों की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो मजबूर होकर तालाबंदी जैसे कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापार का माध्यम बनाना बेहद चिंताजनक है और इससे आम जनता का भरोसा टूट रहा है।परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही I


