केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से कुमाऊं में हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।
हल्द्वानी। सरकार ने सहारा दिया तो कुमाऊं में हजारों युवा सशक्त हुए हैं। रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) शुरू की है, जिसके तहत रोजगार देने पर नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक कुमाऊं में 2721 संस्थानों ने इसका फायदा उठाते हुए 32,818 युवाओं को रोजगार दिया है।दरअसल, पीएमवीबीआरवाई योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और ग्रामीण उद्यमों सहित सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, रोजगार संबंधी योग्यता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।इसके तहत एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर प्रोत्साहन दिया जाना है। इसमें पहली बार नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को एक महीने के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसकी अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये है।192 प्रतिष्ठानों को लाभ मिलना बाकीइस योजना के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना का लाभ उठाने वाले 2721 संस्थानों में से 2529 प्रतिष्ठानों को लाभ दिया जाना शुरू हो चुका है।वहीं 192 प्रतिष्ठानों के ट्रेड नेम और पैन में दर्ज नाम में एकरूपता नहीं होने के चलते इन्हें अभी लाभ नहीं मिल पाया है। हालांकि इन प्रतिष्ठानों को सूचित कर दिया गया है कि वे इसमें सुधार के लिए पत्र लिखें, जिसके बाद उन्हें भी लाभान्वित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का कुमाऊं में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। प्रतिष्ठानों को अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने और उन्हें ईपीएफओ से जोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। – आकाश वर्मा, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ

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