देहरादून, 11 जून 2026। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली (वीसीएसजी) उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार को नया कुलपति मिल गया है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली में विशेष कार्याधिकारी के पद पर कार्यरत वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट की विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है।राजभवन, देहरादून द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ. भट्ट का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। उनकी नियुक्ति उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 1958 (उत्तराखंड राज्य में यथानुकूलित) के तहत गठित चयन समिति द्वारा प्रस्तुत पैनल की संस्तुति के आधार पर की गई है।डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट कृषि एवं वानिकी क्षेत्र में लंबे अनुभव और विशेषज्ञता रखने वाले प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं। आईसीएआर में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने कृषि अनुसंधान, नवाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया है। उनकी नियुक्ति को विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. भट्ट के नेतृत्व में संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान गतिविधियों तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी। साथ ही औद्यानिकी, वानिकी और कृषि आधारित शोध को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, बागवानी और वानिकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वीसीएसजी विश्वविद्यालय लंबे समय से नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। ऐसे में नए कुलपति की नियुक्ति से विश्वविद्यालय के विकास और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।राजभवन द्वारा जारी इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों में उत्साह का माहौल है तथा सभी ने डॉ. भट्ट को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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