उत्तराखंड के योगेश शर्मा ने उम्र को सिर्फ एक संख्या साबित करते हुए 61 वर्ष की आयु में 38 साल पुरानी बाइक से दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क तक पहुंचकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि ने साहस, जुनून और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बावजूद योगेश शर्मा ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास के दम पर यह असाधारण सफर पूरा किया। खास बात यह रही कि उन्होंने आधुनिक बाइक के बजाय 38 साल पुरानी मोटरसाइकिल पर यह कारनामा कर दिखाया।उनकी इस उपलब्धि की पूरे उत्तराखंड में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि योगेश शर्मा ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो उम्र कभी भी मंजिल के रास्ते में बाधा नहीं बनती। दुनिया की सबसे ऊंची सड़क तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है और यह उपलब्धि युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में लद्दाख का क्षेत्र प्रमुख माना जाता है।

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