हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग- सेमका के संयुक्त तत्वावधान में “स्ट्रेंथनिंग ग्रेजुएट एम्प्लॉयबिलिटी: डेवलपमेंट ऑफ सेल्फ लर्निग मटेरियल्स फॉर जीई आइडेंटिफाईड कोर्सेज फॉर करियर एंड प्रोफेशनल स्किल्स इन हायर एजुकेशन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय कुलपति प्रो नवीन चन्द्र लोहनी एवं डायरेक्टर सेमका के दिशानिर्देश में हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन के दौरान आयोजकों ने माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित एवं नवाचारपरक शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दे रहा है, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों एवं रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।इस अवसर पर डायरेक्टर सेमका डा० बी शदरच का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने विश्वविद्यालय की ग्रेजुएट एम्प्लॉयबिलिटी परियोजना पर विश्वास व्यक्त करते हुए इसे स्वीकृति प्रदान की तथा कार्यशाला के आयोजन हेतु वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया।कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली से डा आशीष अवधिया उपनिदेशक सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन उपस्थित रहे। उन्होंने तीन तकनीकी सत्रों के माध्यम से स्व-अध्ययन सामग्री के विकास, गुणवत्ता, संरचना एवं सुधार के विभिन्न आयामों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि परियोजना के अंतर्गत CEMCA द्वारा अनुमोदित छह General Elective (GE) पाठ्यक्रमों के लिए उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों द्वारा कुल 40 स्व-अध्ययन इकाइयों (SLM Units) का सफलतापूर्वक विकास किया गया है। इन सभी इकाइयों की विशेषज्ञ समीक्षा डॉ. आशीष अवधिया जी द्वारा की गई। उनके सुझावों एवं अनुशंसाओं के आधार पर अध्ययन सामग्री का संपादन एवं परिष्करण कर इसे और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा।बताया गया कि विकसित किए गए छह जीई पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों में रोजगारपरक कौशल, व्यावसायिक दक्षता, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, समस्या समाधान क्षमता तथा अन्य आवश्यक जीवन एवं व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विषयों में लागू किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बहुविषयक, समग्र एवं कौशल-आधारित शिक्षा के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से साकार किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी ही नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए भी सक्षम बन सकेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो गिरिजा पाण्डे निदेशक सीका द्वारा की गई । कार्यक्रम में डॉ जितेन्द्र पाण्डे, डायरेक्टर स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड आई टी, प्रो डिगर सिंह फर्स्वाण डायरेक्टर स्कूल ऑफ एजुकेशन, डा आशुतोष भट्ट, डायरेक्टर स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज, डा गगन सिंह डायरेक्टर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, डा विनय रावत, डा सुरेश मेहता, डा मनीषा पंत, डा राकेश पंत, डा प्रियंका शर्मा, डा बीना फुलारा, डा प्रभा ढौंढियाल , डा सुनील तिवारी, डा हरीमोहन, डा निर्मला तड़ागी , डा नेहा तिवारी, डा खष्टी डसीला एवं अन्य आयोजन समिति के सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे l कार्यक्रम का संचालन डा विशाल कुमार शर्मा द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डा आशुतोष कुमार भट्ट जी द्वारा किया गया।


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