यूजीसी ने देश भर में की 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान, दिल्ली और यूपी में फैला सबसे बड़ा जाल

News Desk
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शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है। मंत्री ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।

नई दिल्ली। शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है।मंत्री ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ यूजीसी ने कई कदम उठाए हैं। इनमें फर्जी संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल है। संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, शिक्षा सचिवों और प्रधान सचिवों को पत्र भेजे गए हैं। उनसे कहा गया है कि वे फर्जी संस्थाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।

केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे इन संस्थानों को बंद करने के लिए कानूनी कार्रवाई करें।प्रेट्र के अनुसार अन्य प्रश्न के उत्तर में सुकांत मजूमदार ने कहा कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र के दौरान सीबीएसई द्वारा विभिन्न विषयों और माड्यूल्स पर आयोजित क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों में नौ हजार से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया।उन्होंने कहा कि ‘समग्र शिक्षा’ योजना के तहत कक्षा छह से 12 वीं तक के छात्रों के लिए स्कूली शिक्षा प्रणाली में स्किल एजुकेशन को नियमित हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है।उच्च शिक्षा में सुधारों को लेकर मजूमदार ने कहा कि यूजीसी से फंड पाने वाले 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 2022-23 अकादमिक सत्र से चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू किए गए हैं।

PhD की डिग्री में हो रही धांधली को रोकने के लिए UGC ने 2016 से 2025 के बीच बांटी गई डिग्रियों की गहन जांच शुरू की है. अब तक 92 विश्वविद्यालयों की जांच पूरी हो चुकी है. इनमें से नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 5 विश्वविद्यालयों पर 5 साल के लिए नया PhD कराने पर रोक लगा दी गई है. बैन झेलने वाले संस्थानों में राजस्थान की 4 और यूपी की 1 यूनिवर्सिटी शामिल है:

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी (चूरू, राजस्थान)

सनराइज यूनिवर्सिटी (अलवर, राजस्थान)

सिंघानिया यूनिवर्सिटी (झुंझुनू, राजस्थान)

जेजेटीयू यूनिवर्सिटी (झुंझुनू, राजस्थान)

मोनाड यूनिवर्सिटी (हापुड़, उत्तर प्रदेश)

इन यूनिवर्सिटीज में बैन पीरियड के दौरान लिया गया एडमिशन अवैध माना जाएगा. इसके अलावा 30 और संस्थान अभी जांच के घेरे में हैं.प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यानअगर आप इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट या टीचिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन ले रहे हैं तो UGC के साथ-साथ संबंधित रेगुलेटरी बॉडी का अप्रूवल होना भी जरूरी है

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