देहरादून। टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्र के 98 गांवों में भवन निर्माण के लिए लागू नक्शा स्वीकृति संबंधी नियमों को निरस्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में प्रभावित ग्रामीणों को भवन निर्माण और विकास कार्यों में राहत देने की मांग की गई है।
ज्ञापन के अनुसार टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (TADA) के अंतर्गत टिहरी और उत्तरकाशी जिलों के कुल 98 गांव शामिल हैं। इनमें टिहरी जिले के 77 और उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ तहसील के 21 गांव शामिल हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि प्राधिकरण की ओर से जारी सूचना के अनुसार इन गांवों में आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों के मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण, कोटी कॉलोनी टिहरी गढ़वाल के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम 2011 (संशोधन 2015) के प्रावधान लागू किए गए हैं।
टिहरी जिले के अंतर्गत टिहरी एवं कण्डीसौड़ तहसील के 28, प्रतापनगर के 20, जाखणीधार के 17 और घनसाली तहसील के 12 गांव प्राधिकरण के दायरे में आते हैं। वहीं उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ तहसील के 21 गांव भी इसके अंतर्गत शामिल हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि टिहरी बांध से प्रभावित इन गांवों में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से विभिन्न समस्याओं और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भवन निर्माण के लिए अतिरिक्त मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया लागू होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन भेजने वालों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि टिहरी बांध प्रभावित 98 गांवों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण के नक्शा स्वीकृति संबंधी नियमों को निरस्त किया जाए और ग्रामीणों को सरल एवं राहतपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।



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