उत्तराखंडवासियों को आज मिलेगी खेल विश्वविद्यालय की सौगात, कुलपति समेत 94 पदों को मंजूरी

News Desk
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राष्ट्रीय खेल दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण का शिलान्यास

संवाददाता Lokjan Express हल्द्वानी/देहरादून। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार, 29 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के खेल जगत के लिए ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। प्रदेशवासियों को राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिलने जा रही है। हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे।

खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर शासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कुलपति समेत 94 पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन पदों में शैक्षणिक, प्रशासनिक, खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, चिकित्सा और फिटनेस से जुड़े पद शामिल हैं। पदों की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय के संचालन और संस्थागत ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

खेल कोचिंग के लिए 39 पद स्वीकृत

स्वीकृत पदों में खेल कोचिंग विंग के 39 पद शामिल हैं। इनमें प्रधान एवं मुख्य कोच, कोच तथा सहायक प्रशिक्षकों के पद रखे गए हैं। इसके अलावा खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान से जुड़े शिक्षकों के पद भी स्वीकृत किए गए हैं।खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी पर विशेष फोकसखेल विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उनकी फिटनेस और चोट से उबरने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।

इसके लिए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और अन्य विशेषज्ञों के पदों को मंजूरी दी गई है।खेल विज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावाखेल विश्वविद्यालय का उद्देश्य उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, शोध और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों का सम्मान

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किए जाने के साथ ही विभिन्न खेल प्रोत्साहन योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।खेल विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से उत्तराखंड में खेल शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध, खेल विज्ञान और उच्चस्तरीय कोचिंग के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार होने की उम्मीद है। यह पहल प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ उत्तराखंड को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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