HNBGU में फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का भव्य शुभारंभ, देशभर से 92 नवनियुक्त शिक्षक ले रहेभाग

News Desk
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कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा—शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य निर्माण में निभाते हैं अहम भूमिका

श्रीनगर गढ़वाल, 02 सितंबर 2026।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल के यूजीसी–मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) की ओर से मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक माह लंबे फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम (FIP)-2026 का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ।

यह कार्यक्रम 02 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 92 नवनियुक्त शिक्षक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रतिभाग कर रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में HNBGU के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय, नालंदा के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो. सी.बी. शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में यूजीसी–MMTTC के निदेशक प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने FIP के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नवनियुक्त शिक्षकों को उच्च शिक्षा की बदलती आवश्यकताओं, अकादमिक मूल्यों, आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों, अनुसंधान एवं संस्थागत उत्तरदायित्वों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अपने उद्घाटन संबोधन में कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करने वाला महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होता है। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने और बदलती उच्च शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का आह्वान किया।

प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा में ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय रहा है। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक शिक्षा एवं शिक्षण-पद्धतियों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।वहीं प्रो. सी.बी. शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विभिन्न आयामों पर चर्चा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा को अधिक समग्र, लचीला, बहुविषयक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से NEP 2020 की भावना के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में नवाचार लाने का आह्वान किया।

Orient, Inspire, Empower’ है कार्यक्रम की मूल भावना

प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि FIP के दौरान शिक्षण-अधिगम, अनुसंधान एवं अकादमिक उत्कृष्टता, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं मूल्य, NEP 2020, व्यावसायिक नैतिकता एवं अकादमिक सत्यनिष्ठा, ICT एवं डिजिटल दक्षता तथा संस्थागत कार्यप्रणाली एवं शासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम की मूल भावना “Orient, Inspire, Empower” (अभिमुखीकरण, प्रेरणा एवं सशक्तिकरण) रखी गई है।

सायंकालीन सत्र में उच्च शिक्षा नीति और FIP की पृष्ठभूमि पर चर्चा

कार्यक्रम के सायंकालीन अकादमिक सत्र में हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के प्रो. आर.टी. बेदरा तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।प्रो. आर.टी. बेदरा ने उच्च शिक्षा नीति, उसके विकास एवं वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उच्च शिक्षा में हो रहे नीतिगत परिवर्तनों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा शिक्षकों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला।प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम की अवधारणा, आवश्यकता, उत्पत्ति एवं विकास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नवनियुक्त शिक्षकों को उच्च शिक्षा की अकादमिक संस्कृति, संस्थागत कार्यप्रणाली, शिक्षण-अधिगम, अनुसंधान, व्यावसायिक नैतिकता एवं शिक्षक के उत्तरदायित्वों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।दोनों विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार, अकादमिक उत्कृष्टता, व्यावसायिक विकास और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पर विशेष जोर दिया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए विभिन्न प्रश्न भी पूछे।कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. अमर जीत सिंह, डॉ. सोमेश थपलियाल, डॉ. कविता भट्ट एवं डॉ. राहुल के. सिंह द्वारा किया गया।फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम-2026 “सा विद्या या विमुक्तये” के आदर्श वाक्य को आत्मसात करते हुए ऐसे शिक्षकों के निर्माण की दिशा में प्रयासरत है, जो सक्षम, नैतिक, नवाचारी, संवेदनशील एवं भविष्य-दृष्टि संपन्न शिक्षाविद् बनकर राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

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