भालू के हमले से देवरानी-जेठानी की मौत

News Desk
2 Min Read

देहरादून। उत्तराखंड के पोखरी के नैल के सिदेली गांव में जिन देवरानी-जेठानी की भालू के डर से खाई में गिरकर मौत हुई है उनका आपसी प्रेम प्रेरणादायक है। जहां देवरानी लक्ष्मी देवी और जेठानी विमला देवी के बीच का अटूट प्रेम और आपसी तालमेल आज के समय में पूरे समाज के लिए एक मिसाल बन गया है।

जहां आमतौर पर आज के दौर में देवरानी-जेठानी के बीच अनबन या तनातनी देखने को मिलती है, वहीं इन दोनों का रिश्ता आपसी सहयोग और सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश करता था. उनके परिवार भले ही अलग-अलग थे, लेकिन वे हर काम में एक-दूसरे का साथ निभाती थीं और अक्सर खेतों व जंगलों में साथ ही जाती थीं।यह दुखद घटना तब हुई जब जंगल में काम के दौरान एक भालू ने विमला देवी पर अचानक हमला कर दिया। ऐसे संकट के समय लक्ष्मी देवी ने अपनी जान बचाने की बजाय जेठानी को बचाने का साहसिक प्रयास किया।

उन्होंने विमला देवी का हाथ पकड़कर उसे भालू के चंगुल से छुड़ाने की पूरी कोशिश की, जिसके बाद गुस्से में आए भालू ने लक्ष्मी देवी पर भी हमला कर दिया और दोनों संतुलन बिगड़ने के कारण चटृान से नीचे जा गिरीं।अस्पताल ले जाते समय विमला देवी की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी ने भी हायर सेंटर श्रीनगर ले जाते वक्त दम तोड़ दिया।इस दर्दनाक हादसे ने पूरे सिदेली गांव और क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां यह घटना दोनों के बीच के उस सच्चे प्रेम को बयां करती है जहां जान की बाजी लगा दी गई, वहीं दूसरी तरफ इस हादसे से पूरे इलाके में भालू के आतंक के कारण भारी दहशत का माहौल है।

Visit us: www.sipas.edu.in

Share This Article
Leave a comment