चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री धाम में आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बामणी गांव में स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक छछाड़ी नृत्य भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार और उत्तराखंड के सभी पवित्र तीर्थस्थलों की कृपा से इस वर्ष चारधाम यात्रा का पहला चरण ऐतिहासिक रहा है। अब तक करीब 51 लाख तीर्थयात्री एवं श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मानसून के बाद यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।सीएम धामी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुगम यात्रा, सुचारू यातायात और बेहतर दर्शन व्यवस्था के लिए सभी स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की गई थी और प्रयास है कि यात्रा का दूसरा चरण भी पहले चरण की तरह व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न हो।

लोक संस्कृति के रंग में रंगा बदरीनाथ धाम
बदरीनाथ धाम में आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ऑपरेशन सद्भावना के तहत बदरीनाथ धाम स्थित अराइवल प्लाजा में शनिवार को दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया गया था। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित महोत्सव में गढ़वाली लोकनृत्य, लोक संगीत, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।महोत्सव में पांडव नृत्य और छंतोली नृत्य विशेष आकर्षण रहे। स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।
प्रियंका महर के गीतों पर झूमे लोग
महोत्सव के पहले दिन का समापन प्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका महर की प्रस्तुतियों के साथ हुआ। उनके लोकप्रिय गीतों पर कार्यक्रम में मौजूद लोग झूमते नजर आए। लोकगीतों और पहाड़ी संगीत की प्रस्तुतियों ने बदरीनाथ धाम के माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बदरीनाथ दौरे के दौरान जहां तीर्थयात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा हुई, वहीं देवभूमि की लोक संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी सामने आया।

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