तंबाकू-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में तेज होंगे प्रयास, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में UTFC की 24वीं समीक्षा बैठक

News Desk
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देहरादून, 29 सितंबर 2026।तंबाकू नियंत्रण और तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा को लेकर साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, राजपुर रोड, देहरादून में उत्तराखंड तंबाकू-मुक्त गठबंधन (UTFC) की 24वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड में तंबाकू नियंत्रण की वर्तमान स्थिति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी महीनों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून उपस्थित रहे। इसके अलावा सुश्री अर्चना उनियाल, सुश्री ममता थापा, श्री प्रदीप आनंद, श्री अवधेश कुमार, श्री प्रेम तनेजा सहित UTFC के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद प्रो. (डॉ.) आरती रौथाण, विभागाध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं डिप्टी सेक्रेटरी, UTFC ने स्वागत संबोधन देते हुए बैठक के उद्देश्यों एवं तंबाकू नियंत्रण की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रो. (डॉ.) आरती रौथाण को मिला SHANE UTFC Award

कार्यक्रम के दौरान प्रो. (डॉ.) आरती रौथाण को “SHANE UTFC Award” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान तंबाकू नियंत्रण, जन-जागरूकता तथा तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

चार नए सदस्य UTFC से जुड़े

बैठक में साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से चार नए UTFC सदस्यों का परिचय कराया गया। इनमें डॉ. विदुषी, डॉ. आशीष डोभाल, डॉ. श्रुति अग्रवाल एवं डॉ. शीबा फिलिप्स शामिल हैं। नए सदस्यों के जुड़ने से तंबाकू नियंत्रण एवं जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को संस्थागत स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।

युवाओं को तंबाकू से दूर रखना जरूरी : हरिश अरोड़ा

साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन श्री हरिश अरोड़ा ने कहा कि UTFC के साथ जुड़ना संस्थान के लिए गर्व के साथ-साथ महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि तंबाकू का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है।उन्होंने युवाओं को तंबाकू से दूर रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, जागरूकता और जिम्मेदार निर्णय लेने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अक्टूबर-दिसंबर की कार्ययोजना पर मंथन

बैठक में UTFC के कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के देहरादून में क्रियान्वयन, उत्तराखंड में तंबाकू नियंत्रण की अब तक की यात्रा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक तंबाकू नियंत्रण से संबंधित गतिविधियों एवं प्राथमिकताओं को लेकर भी विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में तंबाकू के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों को लेकर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों ने रोल प्ले के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभावों का संदेश दिया। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम के अंत में नए UTFC सदस्यों का परिचय कराया गया।

डॉ. सुरेंद्र सिंह गुसाईं, प्राचार्य, फार्मेसी एवं मुख्य शैक्षणिक अधिकारी, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने UTFC के साथ मिलकर विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ एवं तंबाकू-मुक्त वातावरण तैयार करने तथा समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

“तंबाकू को ना कहें, स्वस्थ जीवन को हाँ कहें—तंबाकू-मुक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दें।”

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