बीजीआर परिसर में नवप्रवेशित छात्रों के लिए ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को दी गई उच्च शिक्षा की जानकारी

News Desk
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पौड़ी, 12 अक्टूबर 2026। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. बी. गोपाल रेड्डी (बीजीआर) परिसर, पौड़ी में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए ‘दीक्षा आरंभ’ (स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के वातावरण, विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक नियमों और परिसर में उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना था।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं पूर्व परिसर निदेशक प्रोफेसर बी.पी. बडोनी, शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम.सी. पुरोहित, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पंकज कुमार तथा समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किरण बाला ने दीप प्रज्वलित कर एवं सरस्वती वंदना के साथ किया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व परिसर निदेशक प्रोफेसर बी.पी. बडोनी ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के मन से संकोच दूर करने और उन्हें कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप ढालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अकादमिक उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं से कराया परिचित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर, चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS), परीक्षा प्रणाली तथा पुस्तकालय के नियमों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा परिसर में संचालित एंटी-रैगिंग व्यवस्था और महिला प्रकोष्ठ के बारे में भी बताया गया।विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है।

विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए बनाए गए मेंटर‘

दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षकों को मेंटर यानी मार्गदर्शक की जिम्मेदारी सौंपी गई। ये शिक्षक पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे।इस दौरान वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भी नए छात्र-छात्राओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इससे परिसर में सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।कार्यक्रम में डॉ. अमिता डंगवाल, डॉ. इंदु रावत, डॉ. संगीता नेगी, डॉ. रश्मि नौटियाल, डॉ. नरेंद्र राणा सहित परिसर के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृपाल तोमर ने किया।

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