निजी शिक्षण संस्थानों को नाम से हटाने होंगे ‘इंडिया, इंडियन और नेशनल’ जैसे शब्द, AICTE का बड़ा निर्देश

News Desk
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एआईसीटीई ने निजी संस्थानों को नाम बदलने का निर्देश दिया।’

इंडिया’, ‘इंडियन’, ‘नेशनल’ जैसे शब्द हटाने होंगे।

यह कदम छात्रों को भ्रमित होने से बचाएगा।

निजी शिक्षण संस्थान अपने नाम में इंडिया, इंडियन और नेशनल जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। जो कर रहे हैं उन्हें अपने नामों के आगे से यह शब्द 28 नवंबर तक हटाने के निर्देश एआईसीटीई द्वारा दिए गए हैं। इसे लेकर जिले में सक्रियता बढ़ गई है। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के बारे पता लगाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी इन संस्थानों की पत्रावलियां खंगालने में लग गए हैं।

निजी संस्थान अपने संस्थानों को चमकाने के लिए उनके नाम से पहले या बीच में इंडिया, इंडियन या नेशनल शब्दों का प्रयोग करते हैं। शिक्षक अमित कुमार बताते हैं कि इस तरह के शब्द जुड़ने से उनका आभास सरकारी संस्थान की तरह हो जाता है। बेचारे बच्चे भ्रमित होकर इनमें पहुंचते हैं।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) इन नामों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह एक अच्छी पहल है। नाम जब यह शब्द नहीं दिखेंगे तो विद्यार्थी व अभिभावक भी इनका सच आसानी से समझ सकेंगे। प्रवेश लेने से पहले वह वहां की सुविधाओं व शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में भली भांति परिचित होने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे।

28 नवंबर तक नही हटे नाम, होगी सख्तीशिक्षण संस्थानों के नाम के आगे या बीच में कहीं भी इंडियन, इंडिया या नेशनल जैसे शब्द जुड़े हैं, उन्हें हटाना निजी संस्थाओं को जरूरी हो गया है। इसके लिए वह नये नाम के लिए आवेदन 28 नवंबर तक कर सकते हैं। कोई कदम नहीं उठाने पर एआईसीटीई खुद ही इन नामों को हटा देगा। नाम बदलने के लिए संस्थानों को बीएसए, डीआईओएस सहित उच्च शिक्षा के विभाग द्वारा यह कार्य आसानी से करा सकते हैं।

यह है नाम बदलने की प्रक्रिया

यदि कोई स्कूल अपनी संबद्धता या आधिकारिक रिकार्ड में अपना नाम बदलना चाहता है ट्रस्ट/सोसाइटी का प्रस्ताव: स्कूल का संचालन करने वाले ट्रस्ट, सोसाइटी या कंपनी की बैठक में नाम बदलने से संबंधित प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए।

राज्य शिक्षा विभाग की अनुमति: राज्य सरकार या संबंधित उचित सरकारी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र और औपचारिक अनुमति लेनी होती है।

यदि स्कूल सीबीएसई या किसी अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, तो बोर्ड के नियमों के अनुसार निर्धारित फीस और दस्तावेजों के साथ क्षेत्रीय कार्यालय या आनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है।

भूमि और अन्य रिकार्ड अपडेट: स्कूल को अपनी जमीन के कागजात, ट्रस्ट के दस्तावेज और लेटरहेड पर नया नाम अपडेट करना होता है और यह हलफनामा देना होता है कि पुराने नाम का इस्तेमाल अब आगे नहीं होगा।इसके बाद संबंधित विभाग से अधिकत एक माह में नाम में परिवर्तन हो जाता है।

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