
फिरोजाबाद : फर्जी डिग्रियां जारी कर मोटी कमाई करने वाली जेएस यूनिवर्सिटी का नया कारनामा सामने आया है. विवि ने बीपीएड की ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग की भी फर्जी डिग्रियां जारी की थीं. ऐसे ही एक मामले में इंजीनियरिंग करने वाले 2 छात्रों के भाई की तरफ से कुलपति और अन्य के खिलाफ शिकोहाबाद कोतवाली में शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया.शिकोहाबाद इलाके के गांव मुस्तफाबाद रहचटी के रहने वाले महेंद्र सिंह के बेटे ललित यादव और प्रबल यादव ने जेएस यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग डिप्लोमा और बीटेक इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी. अब इनके भाई ब्रजकिशोर उर्फ बिल्लू ने विश्वविद्यालय के कुलपति सुकेश यादव, वाइस चांसलर पीएस यादव, डायरेक्टर गौरव यादव, रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा और अन्य पर दोनों भाइयों से 8 लाख 50 हजार रुपये लेकर उन्हें फर्जी डिग्री और डिप्लोमा देने का आरोप लगाया है.
पुलिस की ओर से जारी प्रेसनोट. ब्रजकिशोर ने शिकोहाबाद कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा भी दर्ज करा दिया है. आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी के कुलपति ने तमाम छात्रों से मोटी रकम लेकर फर्जी डिग्रियां और अंक तालिकाएं जारी कीं. उनके भाइयों को भी फर्जी डिग्री और डिप्लोमा थमा दिया. वहीं मामले में अपर पुलिस अधीक्षक देहात अखिलेश भदोरिया का कहना है कि इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है. आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी. वहीं इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष भी जानने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया.
बता दें कि शिकोहाबाद में संचालित जेएस यूनिवर्सिटी उस वक्त सुर्खियों में आई जब हाल ही में राजस्थान में इस विश्वविद्यालय की ओर से जारी बीपीडी की डिग्री फर्जी पाई गई. राजस्थान में साल 2022 में शारीरिक शिक्षकों की भर्तियां निकलीं. इन्हीं फर्जी डिग्रियों के सहारे 254 युवक शारीरिक शिक्षक बन गए थे. प्रमाण पत्रों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि इस यूनिवर्सिटी ने स्वीकृत सीटों से कई गुना ज्यादा बीपीएड की डिग्रियां जारी की थीं.इसके बाद राजस्थान के जयपुर की एसओजी हरकत में आई. एफआईआर दर्ज करने के बाद पहले यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को गिरफ्तार किया गया. फिर कुलपति सुकेश यादव और एक दलाल अजय भारद्वाज को भी पकड़ा गया. लंबी पूछताछ के बाद जयपुर पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया. इसके बाद लगातार इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ फर्जीबाड़े की शिकायतें सामने आ रहीं हैं. पिछले दिनों बीएससी एग्रीकल्चर के कुछ छात्रों ने भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था.