जेएस यूनिवर्सिटी: कुलाधिपति और रजिस्ट्रार को रिमांड पर लेगी पुलिस, फर्जी डिग्रियों से नाैकरी का खुलेगा राज

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फर्जी डिग्री प्रकरण में फंसी जेएस यूनिवर्सिटी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं हैं। खाते फ्रीज कराने के बाद पुलिस अब कुलाधिपति और रजिस्ट्रार को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए न्यायालय में अपील दायर की गई है।

फर्जी डिग्री कांड में फंसे कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा की मुश्किलें फिरोजाबाद पुलिस की तरफ से भी बढ़ने वाली हैं। पुलिस ने जयपुर जेल में बंद दोनों आरोपियों को पांच दिन की कस्टडी में लेने के लिए न्यायालय में अपील दायर कर दी है। जिनको कस्टडी में लेने के बाद शिकोहाबाद पुलिस पेपर लीक, फर्जी डिग्री एवं फर्जी डिग्रियों के आधार पर लगाई गईं नौकरियों के बारे में सख्ती से पूछताछ करेगी।

जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को एसओजी जयपुर जेल भेज चुकी है। जिनकी जमानत की याचिका जयपुर न्यायालय में भी दाखिल की गई है, लेकिन फिरोजाबाद पुलिस प्रशासन ने जेएस यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य स्टाफ के खिलाफ सख्ती बरतना शुरु कर दी है।

थाना शिकोहाबाद में कुलाधिपति, रजिस्ट्रार, डॉ. पीएस यादव, डॉ. गौरव यादव, उमेश मिश्रा समेत अन्य स्टाफ के खिलाफ दो केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई। नोटिसों के जवाब न मिलने पर पुलिस प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के 26 खातों में जमा लगभग 83 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिये थे। अब पुलिस जयपुर जेल में बंद दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के प्रयास कर रही है। जिसकी कवायद पुलिस प्रशासन ने शुरु कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने फिरोजाबाद न्यायालय में आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए अपील दायर की है।

न्यायालय से आदेश मिलने के बाद शिकोहाबाद पुलिस जयपुर जेल में बंद दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने जयपुर रवाना होगी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को कस्टडी में लेने के बाद उनसे पूछताछ में पुलिस प्रशासन फर्जी डिग्री प्रकरण, फर्जी डिग्री कहां-कहां बांटी गई हैं, फर्जी डिग्रियों के आधार पर अब तक कितनी नौकरी लगवाने में मदद की गई है, इसके अलावा पीएचडी की डिग्रियों तथा अन्य कोर्सों की डिग्रियों के बारे में भी सख्ती से पूछताछ करेगी। एसपी ग्रामीण अखिलेश भदाैरिया ने बताया कि हमने जयपुर जेल में बंद आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अपील दायर की है। इस केस की विवेचना के लिए एक सहायक विवेचना अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। आरोपियों को कस्टडी में लेने के बाद इस पूरे रैकेट के बारे में सख्ती से पूछताछ की जाएगी।

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