17 दिसंबर 2025 *हल्दूचौड़ महाविद्यालय में स्पर्श गंगा दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का एकदिवसीय शिविर* लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में आज स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सीमा श्रीवास्तव के दिशा निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों के द्वारा स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर रैली निकालकर किया गया l जिसके माध्यम से स्वयंसेवियों के द्वारा स्पर्श गंगा अभियान पर आधारित नदी बचाओ, जल संरक्षण एवं पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया गया l इसके साथ ही स्वयंसेवियों के द्वारा स्थानीय जल स्रोतों के आसपास सफाई की गयी l इसके उपरांत राष्ट्रीय सेवा योजना के बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया l बौद्धिक सत्र में वक्ता के रूप मे बी. एड. विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अरुण कुमार चतुर्वेदी, संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार जोशी, एवं अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप मंडल रहे l डॉ अरुण कुमार चतुर्वेदी द्वारा स्पर्श गंगा अभियान के उद्धेश्य एवं महत्त्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किए l स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए डॉ मनोज कुमार जोशी ने कहा कि हमे मां गंगा के ज्ञान के संगम को समझना होगा l उन्होंने उत्तराखंड के चार धाम एवं पंच प्रयाग के एतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्त्व पर को समझाया l इसके उपरांत डॉ प्रदीप मंडल विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों को संबोधित किया गया l उन्होंने बताया कि नदियां पर्यावरण का अभिन्न अंग है l नदियों के संरक्षण के बिना हम जल संरक्षण नहीं कर सकते l जीवन को बचाने के लिए जल स्रोतों को बचना आवश्यक है l बौद्धिक सत्र का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ अजीत कुमार सैनी एवं डॉ सरोज पंत के द्वारा किया गया l इस अवसर पर प्रोफेसर राजकुमार सिंह, प्रोफेसर ललित मोहन पाण्डेय, प्रोफेसर बीना मैथेला, डॉ कल्पना शाह, डॉ अनीता सिंह, डॉ तारा भट्ट, डॉ हेमलता गोस्वामी डॉ पी. सागर, डॉ नीलम कनवाल डॉ भारत सिंह, डॉ मनोज पंत , डॉ राजेंद्र कुमार सनवाल, डॉ मंजू जोशी, डॉ गीता तिवारी पाण्डेय, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ कमला पांडे, डॉ जगत बिष्ट, डॉ वीरेंद्र सिंह दानू, डॉ सुनीता भंडारी, डॉ चंद्रकांता आदि उपस्थित रहे l


