रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग विधानसभा के भरदार क्षेत्र में जल जीवन मिशन की विफलता और भरदारी गाढ़ में प्रस्तावित मोटरपुल को लेकर रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को ज्ञापन देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यदि शासन-प्रशासन और विभाग ने अपनी नींद नहीं त्यागी, तो प्यासी जनता को लेकर वे सड़कों पर उतरने से गुरेज़ नहीं करेंगे।”नल जल मिशन” बना “नल कमीशन मिशन”जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में मोहित डिमरी ने क्वीलाखाल-सौंदा पंपिंग पेयजल योजना (फेज-2) में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की कार्यदायी संस्था ‘यूनिप्रो टेक्नो इंफ्रास्ट्रक्चर’ की लापरवाही के कारण 20 गांवों की 11 हजार आबादी इस भीषण गर्मी में प्यासी है। 2024 की समय सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। डिमरी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह योजना अब ‘हर घर जल’ नहीं, बल्कि ‘नल कमीशन मिशन’ बनकर रह गई है। जिस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति हुई, उसे आखिर किसके संरक्षण में ढील दी जा रही है?”माताओं-बहनों का संघर्ष और सूखते स्रोतक्षेत्र की दयनीय स्थिति का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि दर्जनों गांवों में प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं। ग्रामीण महिलाएं मीलों पैदल चलकर पानी ढोने और कपड़े धोने के लिए दूर-दराज के गधेरों में जाने को मजबूर हैं। भविष्य के लिए पानी के संचय की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे पशुओं और ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।पुल निर्माण में देरी से बढ़ी मुसीबतपेयजल के साथ ही मोहित डिमरी ने ‘भरदारी गाढ़’ पर अधूरे पुल निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि सेमलता-कफना-सतनी-सौराखाल मोटरमार्ग पर पुल न होने से बरसात में दर्जनों गांवों का संपर्क कट जाता है। PMGSY विभाग और ठेकेदार की सुस्ती के कारण स्कूली बच्चों और मरीजों की जान जोखिम में है।मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि दोषी कंपनी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और दोनों योजनाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू करवाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


