उत्तराखंड के विद्यार्थियों को CUET-UG परीक्षा में भारी असुविधा, सेंटर आवंटन पर उठे सवाल

News Desk
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देहरादून: CUET UG परीक्षा को लेकर उत्तराखंड के छात्रों को इस बार गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के कई विद्यार्थियों को दूर-दराज़ शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जिससे उन्हें यात्रा, ठहरने और आर्थिक दबाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि देहरादून, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त परीक्षा केंद्र होने के बावजूद कई परीक्षार्थियों को दूसरे राज्यों तक भेजा गया है। इससे परीक्षा से पहले ही मानसिक तनाव बढ़ गया है।

कई छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी समस्या साझा करते हुए परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था National Testing Agency (NTA) से केंद्रों के पुनः आवंटन की मांग की है।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अव्यवस्था छात्रों के प्रदर्शन पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि स्थानीय स्तर पर अधिक केंद्र बनाए जाएं ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि NTA इस समस्या पर क्या कदम उठाती है।

उत्तराखंड के विद्यार्थियों के साथ CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) परीक्षा को लेकर गंभीर असुविधा उत्पन्न हो रही है। राज्य के अनेक छात्रों को परीक्षा केंद्र उनके निवास स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर, विशेष रूप से पंजाब राज्य में आवंटित किए गए हैं, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।यह परीक्षा दिनांक 18-05-2026 एवं 21-05-2026 को आयोजित की जानी है, परंतु इतनी दूर परीक्षा केंद्र मिलने के कारण छात्रों को यात्रा, आवास एवं सुरक्षा से संबंधित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति अत्यंत कठिन और चिंताजनक है।एक अभिभावक पंकज कुमार भट्ट का कहना है, कि इस महंगाई में अपनी जरूरतों को कम करके अपने बच्चों को मुश्किलों के पढ़ा रहे है परीक्षा केंद्र इतनी दूर होने के आर्थिक बोझ और बच्चों की सुरक्षा की चिंता बन गई, सरकार की नाकामी कहे या संवेदनहीनता अतः संबंधित परीक्षा प्राधिकरण से मांग की जाती है कि:

1. उत्तराखंड के छात्रों के परीक्षा केंद्र राज्य के भीतर या निकटवर्ती स्थानों पर पुनः आवंटित किए जाएं।

2. छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

3. इस विषय में शीघ्र उचित निर्णय लेकर विद्यार्थियों को राहत प्रदान की जाए।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इससे छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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