उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपरा, प्रकृति संरक्षण एवं हरित विकास के प्रतीक हरेला महोत्सव के अंतर्गत उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के द्वितीय दिवस मुख्य अतिथि के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने सहभागिता करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं हरित उत्तराखण्ड के निर्माण का संदेश दिया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति का यह अद्भुत संगम समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एवं सतत विकास के प्रेरणा स्रोत भी हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा हरेला महोत्सव के अंतर्गत संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरेला महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. एच. सी. जोशी ने बताया कि हरेला महोत्सव के अंतर्गत द्वितीय दिवस स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस तथा स्कूल ऑफ टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी एंड होटल मैनेजमेंट के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षार्थियों द्वारा विभिन्न पुष्पीय एवं छायादार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी संकायों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान पूरे सप्ताह संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से संबंधित विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
कार्यक्रम में प्रोफेसर पी. डी. पंत, प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद पांडे, डॉ. आशुतोष पंत, प्रोफेसर जितेन्द्र पांडे, प्रोफेसर अरविन्द भट्ट, प्रोफेसर गगन सिंह, डॉ. वीरेन्द्र कुमार, डॉ. विनोद बिरखानी, डॉ. नीरजा सिंह, डॉ. शशांक शुक्ला तथा डॉ. शुचित्रा अवस्थी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

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