हल्द्वानी। उत्तराखंड में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। हल्द्वानी स्थित राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय का बुनियादी ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। विश्वविद्यालय में शुरुआती चरण में 123 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि चार प्रमुख कोर्सेज के साथ शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत की जाएगी। इस पहल से राज्य के युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को राज्य के भीतर ही आधुनिक शिक्षा और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन, शारीरिक शिक्षा तथा कोचिंग जैसे विषयों से जुड़े कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी है।विश्वविद्यालय के संचालन के लिए शिक्षकों, प्रशिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों सहित कुल 123 पदों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी, जिससे संस्थान सुचारु रूप से संचालित हो सके।खेल विश्वविद्यालय में आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ-साथ स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, फिटनेस सेंटर और प्रशिक्षण मैदान विकसित किए जा रहे हैं। यहां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा को नई पहचान दे सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि इस विश्वविद्यालय के शुरू होने से राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर खिलाड़ी तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही खेल शिक्षा के क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।राज्य सरकार का कहना है कि विश्वविद्यालय को जल्द पूर्ण रूप से संचालित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी और पहले चरण में चार कोर्सों के लिए छात्रों का दाखिला लिया जाएगा। खेल विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होने के बाद हल्द्वानी न केवल कुमाऊं बल्कि पूरे उत्तराखंड में खेल शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। इससे राज्य के खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और बेहतर करियर के नए अवसर मिलेंगे



