आय से अधिक संपत्ति मामले में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत ने जारी किया समन

News Desk
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। देहरादून की विशेष विजिलेंस अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी कर 3 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
यह मामला कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि गणेश जोशी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान विशेष विजिलेंस न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने गणेश जोशी को समन जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 3 सितंबर 2026 निर्धारित की है।
गौरतलब है कि गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न स्तरों पर कानूनी कार्यवाही और याचिकाएं दायर होती रही हैं। इससे पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच और न्यायालय में कई बार सुनवाई हो चुकी है।
हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस चरण पर आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है और न ही मंत्री को दोषी ठहराया गया है। अदालत का उद्देश्य केवल उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देना है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई 3 सितंबर को होने वाली सुनवाई के बाद तय होगी।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है, जबकि सभी की निगाहें अब अगली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं।

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