देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश, बढ़ी हुई उमस और मौसम के बदलते पैटर्न ने डेंगू के संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियमित वर्षा और जलभराव की स्थिति एडीज़ मच्छरों के तेजी से पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका है।स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम के साथ मिलकर संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्वा सर्वे और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर डेंगू के संभावित प्रकोप को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अब तक जिले में 50 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जंतु वैज्ञानिकों की मानें तो रुक-रुककर बारिश होना डेंगू मच्छरों के लिए बेहद मुफीद है। इस तरह के नमी और हल्की गर्मी वाले मौसम में मादा मच्छर अपने अंडों के विकास के लिए बाहर निकलती हैं।ऐसे में इस वर्ष आउटब्रेक का खतरा ज्यादा है। मई से अब तक डेंगू के 50 मामले सामने आ चुके हैं जबकि डेंगू के मामले आमतौर पर सिंतबर महीने से सामने आने शुरू होते हैं। एक महीने पहले ही डेंगू के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं।विभाग की ओर से एम्स ऋषिकेश, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय और जिला अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों डेंगू के लिए बेड आरक्षित कराए गए हैं।इसके अलावा क्लीनिकल स्तर पर तैयारी पूरी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। ब्लड बैंक में रक्त की पर्याप्त मात्रा रखने के लिए भी कहा गया है। तीन फीट की ऊंचाई तक ही उड़ सकता है मच्छर जंतु विशेषज्ञ सुनील कुमार के मुताबिक मादा मच्छर के काटने से ही डेंगू फैलता है। मच्छर के शरीर में अंडे होने की वजह से वे ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाते हैं।उनके उड़ने की ऊंचाई क्षमता मात्र तीन फीट ही होती है। इसके अलावा यह मच्छर बहुत कम दायरे में रहते हैं। जिले भर में 16 हॉटस्पॉट पर टीमें सक्रिय हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के मुताबिक बंजारावाला, पटले नगर, क्लमेंटाउन, मोथरोवाला, जाखन, मेहूंवाला, लक्खीबाग और माजरा समेत जिले के 16 स्थान डेंगू के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किए गए हैं।

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