चमोली में जोशीमठ-नीति मार्ग पर बादल फटने से तबाही, वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त

News Desk
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चमोली जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ-नीति मार्ग पर तमक के पास बादल फटने से भारी तबाही की सूचना है। अचानक आई तेज धारा की चपेट में आने से यहां बना वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसके चलते नीति घाटी की ओर जाने वाला मार्ग फिलहाल बंद है।

चमोली में जोशीमठ-नीति मार्ग पर बादल फटने से तबाही

घटना के बाद क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हो गई है। उफनती नदी और मलबे के चलते मार्ग पर हालत चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। ऐसे में नीति घाटी की ओर जाने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

तेज बहाव और मलबे से बिगड़े हालात

जानकारी के अनुसार, तमक क्षेत्र में अचानक बादल फटने के बाद पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया। तेज बहाव के कारण सड़क और पुल पर दबाव बढ़ गया, जिसके चलते वैली ब्रिज को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

नीति घाटी का संपर्क प्रभावित

वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के कारण जोशीमठ से नीति घाटी की ओर जाने वाला मार्ग फिलहाल बंद है। इससे स्थानीय लोगों और इस मार्ग से आवाजाही करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उफनते पानी और मलबे के कारण मार्ग पर हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

प्रशासन ने शुरू किया स्थिति का जायजा

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें स्थिति का जायजा लेने में जुट गई हैं। क्षतिग्रस्त पुल और सड़क की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। मार्ग को सुरक्षित बनाने और यातायात बहाल करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि मौसम और सड़क की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्र की ओर अनावश्यक आवाजाही न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

बारिश के बीच बढ़ी चुनौती

चमोली जैसे पर्वतीय जिले में मानसून के दौरान बादल फटने, भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं चुनौती बनती हैं। ऐसे में जोशीमठ-नीति मार्ग पर हुई इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। प्रशासन की निगरानी के बीच अब सभी की नजरें मार्ग की स्थिति और यातायात बहाली पर टिकी हैं।

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