देहरादून, 23 सितंबर 2026।लोकजन एक्सप्रेस
शिवालिक विश्वविद्यालय, देहरादून के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 2026 के अंतर्गत दवाओं की सुरक्षा एवं प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं (Adverse Drug Reactions-ADR) की पहचान और रिपोर्टिंग को लेकर विशेष Guest Lecture एवं Awareness Programme का आयोजन किया गया। 17 से 23 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दवा सुरक्षा, तर्कसंगत औषधि उपयोग तथा ADR की समयबद्ध रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में Indian Pharmacopoeia Commission (IPC) के Pharmacovigilance Associate Mr. Bipin Prakash Tamta तथा Materiovigilance Associate Dr. Nalini Mishra ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दवाओं के उपयोग के दौरान सामने आने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की पहचान, उनके उचित दस्तावेजीकरण तथा ADR रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।विशेषज्ञों ने बताया कि किसी दवा के सेवन के बाद होने वाली संदिग्ध प्रतिकूल प्रतिक्रिया की समय पर पहचान और रिपोर्टिंग दवा सुरक्षा की निगरानी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से दवाओं से जुड़े संभावित सुरक्षा संकेतों की पहचान करने और रोगियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Pharmacovigilance Programme of India (PvPI), ADR रिपोर्टिंग की प्रक्रिया तथा उपलब्ध रिपोर्टिंग माध्यमों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करते हुए दवा सुरक्षा को अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं तथा संदिग्ध ADR की रिपोर्टिंग के प्रति सक्रिय एवं जिम्मेदार भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर Prof. (Dr.) Sayantan Mukhopadhyay, Principal, College of Pharmacy, ने फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रभावी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे दवाओं के चिकित्सीय प्रभावों के साथ-साथ उनके सुरक्षित उपयोग, संभावित प्रतिकूल प्रभावों की पहचान और रिपोर्टिंग के प्रति भी सजग रहें।
कार्यक्रम में Dr. Bhawana Kapoor एवं Mrs. Jyoti Sharma, Faculty Members, College of Pharmacy ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को ADR रिपोर्टिंग में फार्मासिस्ट की भूमिका तथा रोगी सुरक्षा को मजबूत करने में फार्माकोविजिलेंस के योगदान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।कार्यक्रम का मुख्य संदेश “Be Aware, Report ADRs, Make a Difference” रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में दवा सुरक्षा और फार्माकोविजिलेंस को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें जिम्मेदार एवं patient-centric healthcare professionals के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
कॉलेज ऑफ फार्मेसी, शिवालिक विश्वविद्यालय की इस पहल ने दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा ADR रिपोर्टिंग की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया। विश्वविद्यालय की ओर से फार्माकोविजिलेंस के प्रति जागरूकता को आगे भी बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई l

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