देहरादून। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। ईडी ने उन्हें वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।
यह मामला रावत के तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान में उनके निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना से जुड़ा है। ईडी ने 10 सितंबर को जीना समेत कई संबंधित ठिकानों पर तलाशी ली थी।एजेंसी के अनुसार, जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण और 12 महंगी घड़ियां बरामद की गईं। साथ ही जीना और उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों में करीब 52.16 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई।
ईडी के मुताबिक जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है।ईडी की कार्रवाई 2016 की यूकेएसएसएससी वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने परीक्षा की ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और निजी कंप्यूटर एजेंसी से जुड़े कथित लेनदेन की भी जांच की है।जीना पर कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कहा था कि वह जांच एजेंसियों के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मामले के तथ्य जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे।
इससे पहले उन्होंने अपने कुछ संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा भी की थी।शनिवार को ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद अब अधिकारियों की ओर से रावत से भर्ती परीक्षा और उस दौरान उनके ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।

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