हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के अंडरग्राउंड होने के बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। इसको देखते हुए उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की चर्चा है। कुमाऊं मंडल के चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों से लगी नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उनकी पत्नी एवं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर देहरादून के कैंट थाने में मारपीट और उत्पीड़न से संबंधित मामला दर्ज है।
मंत्री रेखा आर्य ने शिकायत में साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें पहली शादी और बच्चों की जानकारी छिपाकर विवाह करने, अन्य महिलाओं से कथित अवैध संबंधों का विरोध करने पर मारपीट करने और सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे आरोप शामिल हैं।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाने का प्रयास किया। इसके अलावा, एक ऑडियो में महिला से बातचीत के दौरान उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
नेपाल सीमा पर बढ़ाई जा सकती है निगरानी
गिरधारी लाल साहू के सामने नहीं आने के बाद उनके नेपाल जाने की आशंका जताई जा रही है। कुमाऊं क्षेत्र के चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों से नेपाल की सीमा जुड़ती है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरधारी लाल साहू के नेपाल पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके वर्तमान ठिकाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी जांच में जुटी है। खबर के अनुसार, एसआईटी मंत्री रेखा आर्य के बयान दर्ज कर चुकी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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