रुद्रप्रयाग/चमोली: उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन ने पद की शपथ लेने के बाद पहली बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम का दौरा किया इस दौरान उन्होंने बाबा केदारनाथ और भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल के साथ उनका परिवार भी मौजूद रहा।
राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन सबसे पहले केदारनाथ धाम पहुंचे यहां उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की…उन्होंने कहा कि बाबा केदारनाथ के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य और आस्था का विषय है उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिलने पर शीर्ष नेतृत्व का आभार भी जताया। राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ धाम देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कामना की कि बाबा के आशीर्वाद से उत्तराखंड सहित पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है यात्रा के दौरान सफाई का ध्यान रखने के साथ ही उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में भी सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। केदारनाथ धाम के बाद राज्यपाल परिवार के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर देश और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं…बल्कि अपनी आध्यात्मिक परंपराओं, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी जाना जाता है…उन्होंने इन परंपराओं और विरासत को सुरक्षित रखने के साथ विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।


