विश्व योग दिवस पर त्रिवेणी घाट से गूंजा स्वस्थ भारत और स्वच्छ गंगा का संदेश योगाभ्यास के बाद छात्र-छात्राओं व तीर्थयात्रियों ने चलाया गंगा स्वच्छता अभियान, स्वच्छ पर्यावरण का लिया संकल्प
ऋषिकेश, 21 जून। विश्व योग दिवस के अवसर पर पण्डित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई, नमामि गंगे प्रकोष्ठ, नगर निगम ऋषिकेश एवं जिला गंगा संरक्षण समिति, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में त्रिवेणी घाट पर भव्य योग एवं गंगा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवकों, गणमान्य नागरिकों एवं तीर्थयात्रियों ने सहभागिता कर योग और स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद माननीय नरेश बंसल, पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय प्रेमचंद अग्रवाल, ऋषिकेश नगर निगम के महापौर माननीय शंभू पासवान तथा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की भारतीय जीवन पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से शरीर निरोग रहता है, मानसिक तनाव दूर होता है तथा व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होता है, जब इसे नियमित रूप से निर्धारित नियमों के अनुसार अपनाया जाए।राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य विश्व समुदाय को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और एकता का संदेश देती है। उन्होंने युवाओं से फास्ट एवं इंस्टेंट फूड से दूरी बनाकर भारतीय पारंपरिक एवं पौष्टिक भोजन को अपनाने का आह्वान किया।नमामि गंगे प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने कहा कि वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की आधिकारिक थीम “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बढ़ती उम्र में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। भारत योग की जन्मभूमि है और आज पूरा विश्व इसकी उपयोगिता को स्वीकार कर चुका है। स्वस्थ, सकारात्मक और खुशहाल जीवन के लिए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।योगाभ्यास के उपरांत स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं ने त्रिवेणी घाट पर गंगा स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान तीर्थयात्रियों ने भी उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लेते हुए गंगा में कूड़ा-कचरा न डालने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करेंगे और समाज को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे।कार्यक्रम के अंत में डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया




