आपातकाल में जन्मे गौचर पॉलिटेक्निक व कर्णप्रयाग आईटीआई के जनक डॉ. शिवानंद नौटियाल को भावभीनी श्रद्धांजलि

News Desk
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आपातकाल में जन्में पॉलिटेकनिक गौचर आई०टी०आई० कर्णप्रयाग बात आपातकाल के प्रारम्भिक दिनों की है उस दौरान उ०प्र० के मुख्यमंत्री श्री हेमवतीनन्दन बहुगुणा थे उनका दौरा हैलीकोप्टर से गौचर का बना साथ में थे कर्णप्रयाग के लोकप्रिय विधायक डा० शिवानन्द नौटियाल, गौचर के मैदान में जनसभा थी। उसी दौरान कर्णप्रयाग महाविद्यालय की मांग को लेकर कर्णप्रयाग महाविद्यालय छात्र एवं युवा संघर्ष समिति आन्दोलन को शान्ति पूर्वक चला रही थी समिति के अध्यक्ष एडवोकेट श्री हरीश पुजारी थे उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपातकाल के ही एक मामले में पैरवी करने जाना पडा उन्होने मुझे तथा अन्य साथियों को महाविद्यालय प्रकरण को मुख्यमंत्री जी के सामने प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था मै। समिति का मैं महामंत्री था। गौचर की जनसभा में गुप्तचर ऐजेन्सियां एवं सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी किसी तरह हम एक बैनर को शरीर में छिपाकर मंच के ठीक सामने रैलिंग तक पहुंचने में सफल रहे. जैसे ही बहुगुणा जी का भाषण प्रारम्भ हुआ उसके मध्य में हमने बैनर का खोल दिया जिसमें लिखा था “कर्णप्रयाग में महाविद्यायल हो” बहुगुणा जी की नजर बैनर पर पडी और उन्होने अपने भाषण के बीच में ही कहा कि कर्णप्रयाग के नौजवान कर्णप्रयाग में महाविद्यालय की मांग को लेकर मेरे सामने खड़े हैं महाविद्यालय कोई पकोडी वाले की दुकान नही है जो हर चट्टी में खुल जाय यदि तुम कोई तकनीकी संस्थान मांगते हो तो मैं तैयार हूँ, मंच पर बहुगुणा जी के साथ डा० शिवानन्द नौटियाल खडे थे, बहुगुणा जी की सलाह सुनकर वे मंच से उतर कर हमारे पास आये तो उन्होने कहा कि महाविद्यालय की मांग मुझ पर छोड दो, बहुगुणा जी काफी जिद्दी है इस समय उनकी राय मान लो अभी एक कागज पर लिखों गौचर में पॉलिटेकिनिक और कर्णप्रयाग में आई०टी०आई० खोला जाय हमने लिखा पर्ची लेकर डा० नौटियाल मंच पर गये बहुगुणा जी ने पर्ची के अनुसार दोनो संस्थानों की घोषणा कर दी यही संस्थान इस क्षेत्र के हजारों युवाओं को बेहतर रोजगार व भविष्य के वरदान साबित हुये हैं बाद में जब सन् 1979 डा० शिवानन्द नौटियाल उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री बने तो उन्होने कर्णप्रयाग समेत छः नये महाविद्यालय पर्वतीय क्षेत्र में स्थापित किये थे।

आपातकाल में जन्म लेने वाले दोनो संस्थाओं के संस्थापक विकास पुरुष स्व० बहुगुणा जी व स्व० डा० नौटियाल जी को विनम्र श्रद्धांजली

भुवन नौटियाल

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