नकली MA डिग्री के सहारे बनी इतिहास प्रवक्ता, SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा

News Desk
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हरिद्वार। धनौरी स्थित नेशनल इंटर कालेज में कार्यरत इतिहास की प्रवक्ता रेनू कुमारी की एमए की डिग्री एसआईटी जांच में फर्जी पाई गई है।अब उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी शुरु कर दी गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने शिक्षिका को तलब किया है।गांव कोटा मुरादनगर निवासी रेनू पर फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में नियुक्ति प्राप्त करने का आरोप है।इसकी जांच एसआइटी, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने की थी। जांच के दौरान शिक्षिका के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीए और एमए सहित विभिन्न शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया।एसआइटी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित शिक्षिका ने अपनी एमए इतिहास की डिग्री मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से जारी बताई थी, जो कि सत्यापन में फर्जी पाई गई। एसआइटी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद संबंधित शिक्षिका के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की।

इसके बाद अपराध अनुसंधान विभाग ने अपनी रिपोर्ट महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को भेजी। महानिदेशक कार्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा को कार्रवाई के निर्देश दिए।निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने आगे यह प्रकरण मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार को भेजते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने और उससे विभाग व एसआइटी को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रकरण को समझने के लिए नेशनल इंटर कालेज धनौरी के प्रबंधक को पत्र भेजकर पूरे मामले से संबंधित अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिक्षिका को भी तलब किया है।

सेवा समाप्ति, वेतन वसूली की कार्रवाई तय

वर्ष 2017 में उत्तराखंड में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की व्यापक जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया था। इसी अभियान के तहत विभिन्न शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। रेनू का मामला भी इसी जांच के दौरान सामने आया।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, शिक्षिका की सेवा समाप्ति, वेतन वसूली और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने जैसी कार्रवाई तय मानी जा रही है। फिलहाल विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। सभी की निगाहें अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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