उत्तराखंड मुक्त विवि व महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विवि के बीच हुआ समझौता नवाचार और शोध को मिलेगी नई उड़ान

News Desk
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यूओयू और हिंदी विश्वविद्यालय के बीच हुआ समझौताउत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता यानी MoU हुआ है। कार्यक्रम के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने आपस में हस्ताक्षरित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इस मौके पर सभी विद्या शाखाओं के निदेशक उपस्थित रहे, जहाँ निदेशक सीका ने इस समझौते के मुख्य उद्देश्यों को सामने रखा।इस अवसर पर महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके तहत दोनों संस्थान वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों में नए बदलाव और नवाचार करेंगे। साथ ही, दोनों विश्वविद्यालय एक-दूसरे के मानव संसाधन और बौद्धिक संपदा का उपयोग करके शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे।गौरतलब है कि महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में भी दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा का एक बड़ा ढांचा है। यहाँ के विभिन्न विद्यापीठों में विशेषकर हिंदी अनुवाद और आधुनिक तकनीक को लेकर बेहतरीन और स्तरीय काम हो रहा है। इस समझौते के बाद, दोनों ही विश्वविद्यालय एक-दूसरे के इन मजबूत पक्षों और अनुभवों का सीधा लाभ उठा सकेंगे।वहीं, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने इस साझेदारी को दोनों संस्थानों के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि UOU ने ‘मूक्स’ (MOOCs) यानी ऑनलाइन कोर्सेज की दिशा में पहले ही बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य किया है। अब इस साझा प्रयास से दोनों विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स और संकाय सदस्य मिलकर शोध के क्षेत्र में काम करेंगे, जिससे दोनों ही संस्थानों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय पठन-पाठन और देश के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों का सीधा लाभ मिल सकेगा। इस अवसर पर सीका के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडेय, विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. जितेन्द्र पांडेय, प्रोफेसर मंजरी अग्रवाल, प्रो. एम.एम. जोशी समेत अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।

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